"स्लेट से सैटेलाइट"
"सपना नाम सिर्फ उसका नाम नहीं था, बल्कि उसकी मंजिल भी थी" सपना का बचपन : रामपुर गाँव में सपना नाम की एक लड़की अपने पिताजी के साथ रहती थी I सपना महज तीन साल की थी माँ बीमारी से गुजर गयी थी, सपना के पिताजी किसान थे, पिताजी ने किसी तरह सपना को पाल-पोस कर बड़ा किये, सपना बहुत ही साधारण जिंदगी जी रही थी पिताजी के साथ सपना खेतों में काम करती,शहर में फसल की कीमत बहुत कम मिलते थे I आमदनी कम होने के कारण घर की हालात बहुत ही ख़राब था I स्लेट पर पढ़ाई : सपना गाँव के सरकारी स्कूल में पढ़ती थी I सरकारी स्कूल जो बहुत ही पुराना और जर्जर हालत था, बच्चें स्कूल आना नहीं चाहते थे I गाँव की पुरानी पढ़ाई जो बहुत ही संघर्षपूर्ण था I सपना को पढ़ने का बहुत शौक था,रात को लालटेन से टूटी हुई स्लेट पर पढ़ाई करती थी तो पिताजी कहते "इतना पढ़ कर क्या करोगी बेटा" वो कुछ नहीं बोलती आसमान देखती I सपना के पास एक टूटी हुई स्लेट छोटे छोटे चाक के टुकड़े, एक फटा हुआ बस्ता था जो बहुत ही संभाल कर रखती थी I जब कभी बारिश में स्कूल जाना पड़ता तो बहु...